लो सुन लो, कभी पाई-पाई को मोहताज थी राधे माँ, पेट पालने के लिए करती थी सिलाई

पाखंडी बाबा गुरमीत सिंह के जेल जाने के बाद अब लोग और बाबाओं को भी शक की नज़र से देखने लगे है। अब इन ढोंगी बाबाओं को ये पता चल गया है की भारत में आज भी कानून से ऊपर कोई नहीं है। आज फर्जी बाबा गुरमीत सिंह पर लगे मॉर्डर चार्जेज का फैसला भी आना है।

जब बात फर्जी बाबाओं की चल ही रही है तो राधे माँ की बात ना हो ऐसा कैसे होने दे सकते है हम। अपने फॉलोवर्स के दिल में देवी की तरह बसने वाली और आशीर्वाद का फूल देकर "आई लव यू फ्रॉम द बॉटम ऑफ माय हार्ट" कहने वाली राधे माँ भी इन दिनों खबरों में छाई हुई है।

कभी मिनी स्कर्ट में पोज़ देने वाली तो कभी भक्तो की गोदी में बैठने वाली ये महिला नॉर्मल स्त्री से कैसे बनी देवी? जानिए राधे माँ की पूरी कहानी

पंजाब की पैदाइश

राधे माँ का असली नाम सुखविंदर कौर है। 1965 में जन्मी सुखविंदर कौर राम रहीम की तरह ही पंजाब के गुरदासपुर के छोटे से गांव दोरांगला की रहने वाली है।

भक्ति में लीन रहती थी सुखविंदर

सुखविंदर कौर का रुझान बचपन से ही माता की पूजा-पाठ में अधिक था।

स्कर्ट में राधे माँ

राधे माँ अक्सर सुर्ख़ियो में रहती है खासकर के अपने पहनावे को लेकर। किछ समय पहले राधे माँ की मिनी स्कर्ट में पोज़ देती तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुई थी।

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