सुहlगरात के ये 6 रिवाज़ जानकर दूल्हा-दूल्हन भी शर्मा जाएँगे

शादी की पहली रात या कह लीजिये सु*गरात नए विवाहित जोड़े के लिए ऐसा पल होता है जिसे वह यादगार बनाना कहते है। जिंदगीभर न भूले जाने वाली इस रात का इंतज़ार हर कवारा इन्सान बड़ी बेसबरी से करता है। सुहागरात दरअसल एक तरह का रिवाज़ होता है, जो हर किसी की पहली रात यानी सुहागरात में ज़रूर देखने को मिलता है। इस रिवाज के साथ कई बाते जुडी है जो इस रात को खुशनुमा तो बनाती हैं लेकिन थोड़ा शर्मनाक भी। आइये जानते है इन बातो के बारे में।

रिश्तेदारों में सुह!गरात की चादर की नुमाइश।

ये प्रथा काफ़ी अजीब है और समाज के एक बहुत बड़े हिस्से से इसे खत्म भी कर दिया है, लेकिन अभी भी देश के दूर दराज़ इलाकों में सुहागरात की चादर को रिश्तेदारों को दिखाया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि रिश्तेदार ये तस्सली कर सके के दुल्हन शादी से पहले कुवारी थी।

काल रात्री

बंगाल के एक रिवाज़ के अनुसार शादी की पहली रात दूल्हन पती के साथ नहीं सोती। दूल्हा और दूल्हन अलग-अलग कमरों में सोते हैं और अगली सुबह लड़की अपने पिता के घर चली जाती है। इसका कारण है कि लड़की एक रात में ये जान जाएं कि उसके ससुराल वालों का स्वभाव कैसा है और वो वहां रह सकती है या नहीं।

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